हमारे कार्य
विजन
पारिस्थितिक, सामाजिक और आर्थिक बेहतरी के लिए समृद्ध कॉमन्स (साझा संसाधन).
मिशन
ग्रामीण भारत के कॉमन्स को समृद्ध बनाने के लिए साझा कार्रवाई.
हम यह मानते हैं कि इस क्षेत्र में कई ऐसे संगठन और लोग हैं जो जलवायु परिवर्तन, प्रकृति संरक्षण और असमानता जैसी समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं. हालाँकि, जिस गति और पैमाने पर समस्याएँ बढ़ रही हैं, वे केवल अलग-थलग प्रयासों से हल नहीं हो सकतीं.
कॉमन ग्राउंड इनिशिएटिव' प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग से प्राप्त होने वाले लाभ को महत्व देता है. हम सामाजिक-पारिस्थितिक दृष्टिकोण को शामिल करने के लिए पूरे इकोसिस्टम के सभी लोगों और संस्थाओं को एक साथ लाते हैं. हम समाधान खोजने की क्षमता को पूरे इकोसिस्टम में हर स्तर पर फैलाते हैं. हम ऐसे समाधानों को बढ़ावा देते हैं, जिनसे लोग अपनी सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान स्वयं करने में सक्षम बन सकें.
हम जो बदलाव चाहते हैं
कॉमन ग्राउंड' ग्रामीण विकास की प्रचलित धारणाओं और पहलों में पारिस्थितिक प्राथमिकताओं को शामिल करने पर केंद्रित है. यह स्थानीय समुदायों के आवास और आजीविका के मुद्दे को आकार देने में उनकी आवाज और निर्णय लेने की क्षमता को प्राथमिकता देता है. हम सार्वजनिक दृष्टिकोण, ग्रामीण विकास और प्रबंधन प्रणालियों में कॉमन्स (साझा संसाधनों) के महत्व को बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं.
- स्थानीय स्व-नियमन और पारंपरिक शासन पद्धतियों का समर्थन करना
- सामुदायिक ज्ञान और लोक नीति के बीच समन्वय स्थापित करना
- जंगल, खेती और पशुधन पर निर्भर समुदायों के लिए बाज़ारों तक आसान पहुँच सुनिश्चित करना
- ऐसे ज्यादा-से-ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना ताकि महिलाएँ और हाशिए के समूह निर्णय प्रक्रिया में शामिल हो सकें
- संकट से जूझने की दीर्घकालिक सामुदायिक क्षमता विकसित करने के लिए आवश्यक उपकरणों और प्रणालियों का निर्माण करना
कॉमन ग्राउंड इनिशिएटिव इसे आगे बढ़ाने के लिए:
- आपसी प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग से मिलने वाले फायदों को महत्व देता है.
- किसी समस्या को अकेले सुलझाने के बजाय कई अलग-अलग लोगों और संगठनों को मिलकर हल निकालने में सक्षम बनाने पर जोर देता है.
हमारा दृष्टिकोण
सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण संरचनात्मक बाधाएं दूर करने, समग्र प्रणाली पर विचार करते हुए अवसर उपलब्ध कराने और विभिन्न क्षेत्रों में पूरकताओं का लाभ उठाने में मदद करता है.
यह पहल पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में कार्रवाई और नवाचार संबंधी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 'क्षेत्र निर्धारित करने पर केंद्रित है, जिससे कि विभिन्न किरदारों को स्वास्थ्यकर परिदृश्यों और जीवट समुदायों के लिए स्थानीय स्तर पर बदलाव लाने में सक्षम बनाया जा सके.
कॉमन ग्राउंड दो तरह की रणनीति अपनाता है:
पर्यावरण प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका के समक्ष आ रहे बड़े संरचनात्मक बदलावों का समाधान करना.
पूरे तंत्र के लिए एक ऐसा सहयोगी ढांचा विकसित करना जो विविध हितधारकों को आपस में जोड़े, एक साथ लाए और उनके कामों में तालमेल बिठाए. इसका मकसद एक ऐसा 'समान आधार' (आपसी सहमति का बिंदु) तलाशना है, जहाँ पूरी सहमति न होने पर भी साथ मिलकर काम किया जा सके
साथ मिल कर काम करने का ढाँचा
बहुत से लोग और संस्थाएँ कॉमन्स (साझा संसाधनों) के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन अक्सर उनकी कोशिशें बिखरी हुई, सीमित, अलग-थलग और एक-दूसरे से मिलती-जुलती होती हैं. इस पहल की पाँच मुख्य रणनीतियाँ उनके बीच आपसी जुड़ाव पैदा करने, मिल-जुलकर विकास करने और तालमेल बैठाने में मदद करेंगी.
सार्वजनिक लाभ के संसाधनों का सह-निर्माण
ऐसे महत्वपूर्ण संसाधनों का साथ मिलकर निर्माण करना जिनसे व्यापक समुदाय और पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को लाभ हो.
सामूहिकता को बढ़ावा
विभिन्न संगठनों को आपस में जोड़ना ताकि समान उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों में तालमेल स्थापित किया जा सके और उन्हें मजबूती मिल सके.
संवाद
कॉमन्स (साझा संसाधनों) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए हितधारकों को ऑनलाइन और आमने-सामने के संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराना.
सामूहिक रूप से सीखना
ऐसे मंच और पद्धतियाँ तैयार करना, जिससे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में सीखने और समय के साथ खुद को बेहतर बनाने की संस्कृति विकसित हो.
साथ मिलकर काम करना
विभिन्न पहलकदमियों के सामूहिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए उनके बीच तालमेल और सामंजस्य सुनिश्चित करना.
अगले 5 वर्षों के लिए स्थानीय स्तर पर तय किए गए बदलाव के लक्ष्य
अगले पाँच वर्षों में,कॉमन ग्राउंड निम्नलिखित क्षेत्रों में समुदाय-संचालित कार्रवाई के लिए सहायता उपलब्ध कराना चाहता है:
अगले पाँच वर्षों में,कॉमन ग्राउंड निम्नलिखित क्षेत्रों में समुदाय-संचालित कार्रवाई के लिए सहायता उपलब्ध कराना चाहता है:
- 220 लाख एकड़ जंगल, चरागाह और अन्य कॉमन्स
- 7.5 करोड़ ग्रामीणों को लाभान्वित करना: इसमें कम-से-कम 3.7 करोड़ महिलाएँ 25 करोड़ अनुसूचित जनजातिऔर 90 लाख अनुसूचित जाति के सदस्य शामिल हैं.
- न्यायसंगत और टिकाऊ लाभ: कृषि, पशुधन एवं वन उपजकी बेहतर उत्पादकता, मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं (value chains) और कार्बन एवं जैव विविधता क्रेडिट जैसे उभरते अवसरों तक पहुंच के जरिए आय में 30 से 50% वृद्धि हासिल करना.
इन परिणामों का व्यापक लक्ष्य यह है कि हम पारिस्थितिक रूप से स्वस्थ कॉमन्स को बहाल कर सकें, आजीविका को मजबूत कर सकें और बदलते मौसम और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के सक्षम बनाएँ.
हमारे मुख्य सिद्धांत
हम उन सिद्धांतों को संयुक्त रूप से परिभाषित और स्वीकृत करते हैं, जिनके आधार पर हम 'कोलेबोरेटिव' (Collaborative) में साथ मिलकर काम करेंगे:
अलग-अलग विचारों का सम्मान
भले ही मैं लक्ष्य प्राप्ति संबंधी सभी वर्किंग ग्रुप के फैसलों या तरीकों से पूरी तरह सहमत न होऊं, लेकिन मैं एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हुए अपनी असहमति जताते हुए साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हूँ.
सहभागी प्रबंधन के साथ सामूहिक नेतृत्व
सक्रिय भागीदारी
ज्ञान का खुला आदान-प्रदान
मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि कोलेबोरेटिव से प्राप्त सीख, जिसमें काम करने के बेहतरीन तरीके और अनुभव तथा परिचालन संबंधी ज्ञान शामिल है, न केवल सभी सदस्यों के साथ बल्कि इससे जुड़े अन्य लोगों के साथ भी साझा किए जाएं.
विविधता और समावेशन
मैं लैंगिक समानता और जिन समुदायों के लिए हम काम करते हैं, उनके प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनी सभी संरचनाओं और प्रक्रियाओं में खुद और कोलेबोरेटिव की जवाबदेही सुनिश्चित करूंगा.
सामूहिक जिम्मेदारी
मैं सामूहिक रूप से वर्किंग ग्रुप स्तर पर किए गए उन प्रतिबद्धताओं की जवाबदेही लूंगा, जिन्हें बाद में सरकारों और भागीदारों सहित हितधारकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा.
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत तय प्रतिबद्धताएँ
कॉमन ग्राउंड, सतत विकास लक्ष्यों, पेरिस जलवायु समझौते, वन पुनर्बहाली के बॉन चैलेंज और जैव विविधता सम्मेलन के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में भी अपना योगदान देता देता है. विकेंद्रीकृत प्रबंधन को मजबूत करने, कॉमन्स आधारित आजीविका को सशक्त करने और पारिस्थितिक तंत्र बहाल करने के हमारे कार्यों के जरिए, यह पहल मुख्यधारा की विकास योजना और सार्वजनिक निवेश ढांचे में पारिस्थितिक और सामाजिक विमर्श/विचारों को शामिल करने में मदद करती है.